[ 2022 ] डिप्रेशन ( अवसाद ) क्या है ? इसका क्या ईलाज है ? Depression meaning in Hindi

Depression meaning in Hindi : डिप्रेशन जिसे हिंदी में मानसिक अवसाद कहते है, दरअसल यह इंसानी दिलो दिमाग और मन की एक ऐसी अवस्था है | इसमें मनुष्य का मन किसी भी काम में नहीं लगता | वह बढ़ा उद्विग्न , गुमसुम सा सबसे अलग थलग रहने लगता है | उसके मन में एक गहरी उदासी घर कर जाती है | हर चीज उसके लिए अरुचिकर हो जाती है |

डिप्रेशन किसे कहते है ? | Depression Meaning in Hindi

डिप्रेशन की अवस्था में व्यक्ति को खाने पीने और पढ़ने लिखने में कोई रूचि नहीं रह जाती है | किसी भी प्रकार के मनोरंजन में यानि कि संगीत, फिल्म देखना , हँसना गाना , खेल कूद आदि में कोई भी रूचि नहीं रह जाती है |

डिप्रेशन से ग्रसित व्यक्ति को सामाजिक मेल जोल और अन्य किसी व्यक्ति, जैसे नाते रिश्तेदार, दोस्त यार, यहाँ तक की अपने परिवार के लोगो से भी बातचीत से कोई सरोकार नहीं रह जाता है | वो इन सबसे बातचीत करने में और आमने सामने की मुलाकात से घबराने लगता है |

अवसाद यानि डिप्रेशन का असर ऐसे व्यक्ति के काम धंधे, पढाई लिखाई आदि में पड़ता है , जो कि काफी नुकसान दायक साबित होता है | ऐसे लोगो के मन में जीवन के प्रति एक प्रकार से विरक्ति सी आ जाती है |

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अवसाद ( डिप्रेशन ) के मुख्य कारण क्या है ? | what is the most common reason of depression

वैसे तो मनुष्य में किसी भी कारण से डिप्रेशन आ सकता है और ऐसे में इसके कारणों को सामान्यीकरण (Generalise) करना बहुत ही मुश्किल है | फिर भी कुछ ज्ञात सामान्य कारण निम्न लिखित हो सकते है |

  • नौकरी पाने में सफल ना हो पाना – यह आज के दौर की सबसे बड़ी वजह मानी जा सकती है |
  • व्यवसाय में आशातीत सफलता ना पाने की स्थिति में भी लोग अवसाद ग्रस्त हो जाते है |
  • प्रेम प्रसँग ( Love Affair ) में असफल होना, Depression के प्रमुख कारणों में से एक है | प्रेम प्रसंग में सफल ना हो पाने की स्थिति में कई लोग “आत्महत्या” जैसे कदम उठा लेते है |
  • करियर और पढाई लिखाई में यथोचित सफलता का हासिल ना होना आजकल के बच्चो, किशोरों, युवाओ में डिप्रेशन का भाव भर देता है |
  • वैवाहिक जीवन का सफल ना होना भी आजकल की तेज भागती जिंदगी में एक आम बात हो चली है | जिसके परिणाम स्वरूप पति या पत्नी मानसिक अवसाद से घिर जाते है | जिसका असर उनकी वैवाहिक, पारिवारिक , सामाजिक, व्यक्तिगत और आर्थिक स्थिति पर पढता है |
  • नौकरी में प्रमोशन का ना मिलना भी कई लोगो को डिप्रेशन में ले जाता है |
  • कई बार शारीरिक रूप रँग जैसे साँवलापन, मोटापा , विकृत अंग का होना या कोई और गंभीर बीमारी से ग्रसित होना भी व्यक्ति के मन में अवसाद को जन्म देता है |
  • लगातार नशीली चीजों का सेवन और उसका आदत में शामिल हो जाना भी डिप्रेशन का कारण बन जाता है |
  • अकेलापन भी अपने आप में एक बड़ी बीमारी है | अत्याधिक अकेलेपन की वजह से भी बहुतेरे इंसान डिप्रेशन में चले जाते है |
  • किसी भी प्रकार का तिरस्कार या उपहास भी डिप्रेशन का बहुत बड़ा कारण मन जाता है | जैसे स्कूल में अपने हम उम्र बच्चो के द्वारा किसी बात को लेकर किसी बच्चे का तिरस्कार कर देना |
  • ऑफिस में बॉस के द्वारा, ऑफिस कार्य को लेकर लगातार डांट डपट भी डिप्रेशन को जन्म देता है |

डिप्रेशन के लक्षण क्या है ? | Symptoms of Depression

  • चिड़चिड़ापन |
  • हताशा |
  • आत्मविश्वास की कमी होना |
  • निर्णय क्षमता का हास होना |
  • अपराधबोध से ग्रसित होना |
  • सरदर्द, मांस पेशियों में दर्द होना या जकड़न होना |
  • किसी से बातचीत ना करना और अपने आप में सिमटे रहना |
  • भूख प्यास का ना लगना
  • खुद को चोट पहुँचाना और आत्महत्या का ख्याल आना
  • बेचैनी महसूस करना
  • अँधेरे में रहना पसंद करना

डिप्रेशन का ईलाज क्या है ? | What is the treatment of Depression ?

  • कॉउंसलिंग : इसमें मनोचिकित्सक से सलाह और परामर्श लिया जाता है | जिसमे वह, मरीज और उसके परिवार से बातचीत करके डिप्रेशन के कारणों को समझने की कोशिश करते है और उसके हिसाब से उसका निदान करते है |
  • सकारात्मक व्यवहार ( Positive Approach ) : इसमें मरीज को एक सकारात्मक व्यवहार करने की सलाह दी जाती है | अवसाद ग्रसित व्यक्ति को नकारात्मक विचारों को मन में ना आने देने को कहा जाता है और उसे नई ऊर्जा के साथ सकारात्मक कदम उठाने के लिए प्रेरित किया जाता है | ऐसे व्यक्तियों को असफल व्यक्ति के सफलता हासिल करने वाले प्रेरणादायक कहानी और प्रसंगों को सुनाकर उनमे नई ऊर्जा भरी जाती है | ताकि वो भी ऐसे ही Positive Approach के साथ अपने डिप्रेशन पर काबू पाए |
  • दवाईयां : कुछ ऐसी एंटी डिप्रेसेंट दवाईयां ( antidepressant drugs) की भी डॉक्टर सलाह देते है जिनको लेने से अवसाद ग्रसित व्यक्तियों ( Depressed Person ) को काफी लाभ मिलता है |
  • वैकल्पिक चिकित्सा : वैकल्पिक चिकित्सा जैसे योग , प्राकृतिक चिकित्सा , सम्मोहन , एक्यूप्रेशर जैसे चिकित्सा पद्धति से भी अवसाद ग्रसित व्यक्तियों को काफी लाभ मिलता है |
  • वातावरणीय बदलाव : अवसाद ग्रसित व्यक्ति को अवसाद यानि डिप्रेशन से बचाने के लिए, उसके आसपास के वातावरण को बदलने की महती आवश्यकता होती है | जैसे उसके साथ परिवार के सदस्यों और घनिष्ठ मित्रों द्वारा नियमित बातचीत हँसी मजाक करके , उसके वर्तमान माहौल को बदला जाता है | ताकि वो जिन कारणों से डिप्रेशन में है उस तरफ से उसका ध्यान हटे | संगीतमय वातावरण इस दिशा में और भी ज्यादा सहयोग प्रदान करते है | अच्छी मनोरंजक किताबे और आध्यात्मिक वातावरण और ध्यान आदि इस दिशा में काफी कारगर साबित होते है |
डिप्रेशन का मतलब क्या होता है?

Depression meaning in Hindi : डिप्रेशन जिसे हिंदी में मानसिक अवसाद कहते है, दरअसल यह इंसानी दिलो दिमाग, मन की एक ऐसी अवस्था है, जिसमे मनुष्य का मन किसी भी काम में नहीं लगता | वह बढ़ा उद्विग्न , गुमसुम सा सबसे अलग थलग रहने लगता है | उसके मन में एक गहरी उदासी घर कर जाती है | हर चीज उसके लिए अरुचिकर हो जाती है |

डिप्रेशन का ईलाज क्या है ?


डिप्रेशन के मरीज को नकारात्मक विचारो से दूर रखा जाना चाहिए | उसे हमेशा सकारात्मक सोच के लिए प्रेरित करना चाहिए | उसे जो भी अच्छा लगता हो ,उसमे मन लगाने के कहा जाना चाहिए | जैसे संगीत, चित्रकारी, खेलकूद , पठन पाठन , कॉमेडी फिल्मे देखना | प्रकृति के साथ ज्यादा समय बिताना | अपने दोस्त यारो और परिवार के सदस्यों के बीच समय व्यतीत करने के लिए प्रेरित करना | किसी भी हुई घटना या दुर्घटना के लिए खुद को जिम्मेदार मानने पर मरीज को इस अपराधबोध से बचाना चाहिए |

अकसर असफलता डिप्रेशन का मूल कारण होता है ऐसी दशा में अवसाद ग्रसित व्यक्ति को और दुगने उत्साह और पॉजिटिव एप्रोच के साथ प्रयास करना चाहिए | उसे अपनी कमियों को पहचान कर उस पर विजय प्राप्त करना चाहिए |

अच्छी नींद, सुबह जल्दी उठकर शुद्ध वायु लेना और योग आसन करना | सुबह शाम बाग़ बगीचे में टहलना अवसाद से बाहर आने में काफी मददगार साबित होते है |

परिवार के अन्य सदस्यों को अवसाद ग्रसित व्यक्ति के साथ मृदुभाषी बनकर मित्रवत व्यवहार करना चाहिये | उसको किसी भी प्रकार से तिरस्कृत नहीं करना चाहिए |

डिप्रेशन कितने दिन में ठीक होता है?


डिप्रेशन के ईलाज की निर्धारित समय सीमा नहीं होती है | यह हर ग्रसित व्यक्ति के लिए अलग अलग हो सकती है | जितना ज्यादा सकारात्मक माहौल मरीज को मिलेगा, वह उतना ही जल्दी अवसाद मुक्त हो सकता है |

सारांश (conclusions ) | Depression meaning in Hindi

उम्मीद है आपको Depression Meaning in Hindi के बारे में यह लेख ज्ञानवर्धक लगा होगा | आपके सुझावों को हम स्वागत करते है , जिन्हे आप नीचे कमेंट बॉक्स में हमे बता सकते है |

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