[ 2022 ] occupation का हिंदी अर्थ क्या है ? | occupation meaning in Hindi with example

Occupation Meaning in Hindi with example

ऑक्यूपेशन (Occupation) का हिंदी में अर्थ क्या हैं ?

इस लेख के माध्यम से हम Occupation meaning in Hindi with example के बारे में जानने और समझने का प्रयास करते है | दरअसल ऑक्यूपेशन ( Occupation ) के कई हिंदी अर्थ या मतलब होते है | उनको उनके उपयोगिता के हिसाब से अलग अलग संदर्भो में अलग अलग तरीके प्रयोग में लाया जाता है |

occupation के विभिन्न अर्थ या मतलब होते है जैसे आजीविका, आधिपत्य , कब्ज़ा, दखल, व्यवसाय, धंधा आदि |

पर हम यहाँ पर मुख्य रूप से Occupation के एक अर्थ आजीविका के सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा करेंगे | और उसके बाकि अन्य अर्थो को भी केवल उदाहरण के माध्यम से समझने का प्रयास करेंगे |

तो आइये शुरू करते है कि Occupation यानि आजीविका होता क्या है ?

अक्सर आप जब भी किसी भी सम्बन्ध में कोई आवेदन पत्र देते है , तो प्रायः आपने ध्यान दिया होगा कि उसमे एक कॉलम Occupation का कॉलम भी होता है, जिसमे यह पूछा जाता है कि आपका या माता पिता का Occupation क्या है ? मतलब वो क्या काम करते है | जिसमे आप नौकरी या बिज़नेस से सम्बन्धित जानकारी देते है |

आजीविका ( Occupation ) का मतलब , अपना और अपने परिवार के जीवन निर्वाह तथा भरणपोषण करने के लिए एक व्यक्ति द्वारा धन उपार्जन का माध्यम होता है |

धन उपार्जन या कहे जीविकोपार्जन के कई तरीके हो सकते है | जैसे नौकरी ( Job ) करना, खुद का खरीदी बिक्री का कोई व्यवसाय ( Business ) स्थापित करना या अपनी दक्षता ( skill ) को सेवा ( Service ) के रूप में दूसरे व्यक्ति या संस्थान को प्रदान करना हो सकता है |

आइये इसे थोड़ा और बेहतर तरीके से समझने का प्रयास करते है |

कितने प्रकार के व्यवसाय ( Occupation ) होते हैं ?

मूलतः Occupation 3 तरह के होते है | जैसे

  • नौकरी ( Job, Employement )
  • व्यवसाय ( Business )
  • प्रोफेशनल सर्विस ( Profession )

अब इनके बारे में विस्तार से समझते है |

1 . नौकरी ( Job, Employment ) :

नौकरी के तहत, व्यक्ति को किसी निहित कार्य करने के लिए नियोक्ता ( Employer ) पैसे देता है | तो उस प्रदत कार्य को हम उस व्यक्ति का Occupation कहते है | ये नौकरी २ प्रकार के हो सकते है | जैसे

  • सरकारी नौकरी ( Government Job )
  • निजी नौकरी ( Private Job )

सरकारी नौकरी (Government Job )

सरकारी नौकरी, केंद्र व राज्य सरकार तथा उनके अंतर्गत आने वाले अन्य संस्थानों द्वारा, अपने विभागों में होने वाले विभिन्न कार्यो के निष्पादन के लिए दी जाती है | जिसमे एक निश्चित समय अवधि में सरकार के अधीन रहकर काम करना होता हैं | कुछ ऐसे ही सेवाओं यानि ( Service ) के प्रकार इस प्रकार है |

जैसे प्रशासनिक सेवा , स्वास्थय सेवा , शिक्षा सेवा , कानून व्यवस्था की सेवा ( कोर्ट, कचहरी व पुलिस आदि की सेवा ) , आदि आदि |

निजी नौकरी ( Private Job )

निजी नौकरी (Private Job) – यह नौकरी किसी निजी कंपनी या निजी प्रतिष्ठान द्वारा दिया जाता है | जिसके तहत उनके द्वारा, एक अनुबंध ( Contract ) के आधार पर दिए गए कार्य करना होता है | इसके बदले नियोक्ता ( Employer ), कर्मचारी या श्रमिक को यथोचित पारिश्रमिक देता है | जिसे हम तनख्वाह, पगार , वेतन या सैलरी ( Salary ) भी कहते है, देता है |

यह पारिश्रमिक दैनिक, साप्ताहिक और मासिक आधार पर आपसी सहमति से दोनों पक्षों के बीच तय किया जाता है |

जैसे लेखा जोखा रखना ( Accounting Job ), उत्पादन से सम्बंधित कार्य ( Production Related ) , मरम्मत से सम्बंधित कार्य ( Maintenance Job) , कार्मिक सेवा ( Personnel Service), खरीदी बिक्री की सेवा ( Sales, Purchase & Marketing related Jobs), प्रबंधन सेवा ( Management Service ) , श्रम साध्य सेवाएं हो सकते है |

2. व्यवसाय ( Business )

व्यवसाय (Business) – यह खुद के संसाधनों द्वारा स्थापित किया जाता है | इस व्यवसाय को आप अपने हिसाब से कर सकते हैं | यह व्यवसाय छोटे से लेकर बड़े स्तर तक हो सकता हैं |

व्यवसाय यानि बिज़नेस मुख्यतः 3 प्रकार के हो सकते है | बड़े मध्यम और छोटे स्तर का |

  1. बड़े स्तर का व्यवसाय
  2. मध्य्म स्तर का व्यवसाय
  3. लघु या छोटे स्तर का व्यवसाय

आइये इन्हे अलग अलग तरीके से समझते है |

बड़े स्तर का व्यवसाय

बड़े स्तर के व्यवसाय में कारखाने और निर्माण का कार्य करने वाली कंपनियां आती है जैसे स्टील निर्माता कंपनी, कपडे बनाने वाली, सीमेंट निर्माता कंपनी, मोटर कार बनाने वाली कंपनी, तेल निकालने वाली कंपनी, टेलीफोनिक सेवाएं देने वाली कंपनी,दवाये बनाने वाली, टायर बनाने वाली कंपनी,प्लास्टिक के सामान बनाने वाली जैसे अन्य कंपनियां आती है |

इस बड़े स्तर के व्यवसाय को भी २ तरीके से संचालित किया जाता है |

  • निजी भागीदारी द्वारा
  • सरकारी भागीदारी द्वारा

निजी भागीदारी वाले व्यवसाय किसी निजी पारिवारिक समूह और आम जनता की भागीदारी ( Shares ) के द्वारा संचालित किया जाता है |

ऐसे निजी भागीदारी वाले कुछ कंपनियों के उदाहरण है – रिलायंस पेट्रोकेमिकल , अम्बुजा सीमेंट, एयरटेल, बॉम्बे डाईंग, अडानी पॉवर , पतंजलि आयुर्वेद, कैडिला , मारुती, हुंडई, बजाज और महिंद्रा जैसी अन्य कंपनियां आती है |

वहीँ सरकारी भागीदारी वाली कंपनियों में ओ एन जी सी पेट्रोकेमिकल, भारत पेट्रोलियम, बी.एस.एन.एल, भिलाई स्टील प्लांट इत्यादि आते है |

मध्यम स्तर का व्यवसाय

मध्यम स्तर के व्यवसाय में इलेक्ट्रिकल सामान के दुकान , हार्डवेयर सामान के दुकान , कपड़ो के दुकान , सोने चांदी बेचने के दुकान, थोक किराना सामान के दुकान, बड़े मिठाई आदि के दुकान व अन्य ऐसी ही दुकाने और प्रतिष्ठान आते है |

छोटे स्तर का व्यवसाय

यह व्यवसाय निम्न स्तर पर किया जाता हैं | जहाँ वस्तु का क्रय -विक्रय छोटे स्तर पर होता हैं जैसे रोड किनारे चौपाटी , सब्जी फल विक्रेता , दर्जी , मोची , स्टेशनरी के दुकान, किराने के दुकान , मोबाइल के दुकान इत्यादि आते है |

3. व्यवसायिक सेवा ( Professional Service )

इसके अंतर्गत ऐसे व्यवसाय आते है, जिसमे लोग अपनी सेवाएं ( जिसमे उनकी विशेषज्ञता होती है ) निजी रूप से देते है | यह विशेषज्ञता उन्हें किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्व विद्यालयों द्वारा प्रदत डिग्री, डिप्लोमा, सर्टिफिकेट आदि से हासिल होती है | ऐसे ही कुछ व्यवसाय के उदाहरण निम्नानुसार है |

  • चार्टर्ड अकाउंटेंट
  • चार्टर्ड इंजीनियर
  • आर्किटेक्ट
  • वित्तीय सलाहकार
  • टैक्स सलाहकार
  • डॉक्टर्स
  • एडवोकेट
  • सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल
  • कंप्यूटर हार्डवेयर प्रोफेशनल
  • इलेक्ट्रीशियन , प्लम्बर, कारपेंटर व अन्य तकनीशियन
  • ब्यूटिशियन, इंटीरियर और फैशन डिज़ाइनर

व्यवसाय ( Occupation ) और पेशे ( Profession ) में क्या अंतर हैं ?

व्यवसाय और पेशे तो एक दूसरे के पूरक हैं | क्योकि पेशे का तात्पर्य उस व्यवसाय की क्रिया से हैं जिसके लिये उचित शिक्षण प्रशिक्षण एवं पर्याप्त योग्यता की जरुरत होती हैं | वहीं एक सफल व्यवसाय स्थापित करने के लिये उस व्यवसाय के बारे में अच्छी जानकारी और अनुभव होना बहुत जरुरी हैं

व्यवसाय ( Occupation ) और रोजगार ( Employment ) क्या में अंतर है ?

व्यवसाय से अभिप्राय जब कोई व्यक्ति अपने खुद के व्यापार ,वस्तु निर्माण, वाणिज्य गतिविधियों में कार्यरत रहता हैं | जबकि रोजगार में कोई व्यक्ति दूसरे के लिये काम करता हैं जिसमे एक नियमित समय पर निश्चित आय प्राप्त करता हैं |

व्यवसाय ( Occupation ) का पर्यायवाची

  • कारोबार
  • रोजगार
  • पेशा
  • धंधा
  • काम
  • उद्योग
  • जीवन निर्वाह की साधन
  • कब्ज़ा
  • दखल
  • आधिपत्य

Make the sentence of Occupation meaning in hindi with example

father’s occupation meaning in Hindi

इसका अर्थ होता है कि आपके पिताश्री का क्या व्यवसाय है ?

present occupation meaning in Hindi

इसका अर्थ होता है कि वर्तमान में आपका कौन सा व्यवसाय है ?

What is your occupation meaning in Hindi

इस वाक्य में यह पूछा जा रहा है कि आपका व्यवसाय क्या है ?

He has occupied his land illegally.

उसने उसकी जमीन को गैर क़ानूनी से तरीके से कब्जा ( Occupy ) कर लिया |

  • ऑक्यूपेशन (Occupation) का हिंदी में अर्थ क्या हैं ?

    Occupation यानि आजीविका, जिसके माध्यम से व्यक्ति अपने और अपने परिवार के जीवन निर्वाह और भरण पोषण के लिए धन अर्जित करता है | यह नौकरी, व्यवसाय और अपनी सेवाएं देकर अर्जित किया जा सकता है | Occupation meaning in Hindi with example

  • व्यवसाय ( Occupation ) और रोजगार ( Employment ) क्या में अंतर है ?

    व्यवसाय से अभिप्राय जब कोई व्यक्ति अपने खुद के व्यापार ,वस्तु निर्माण, वाणिज्य गतिविधियों में कार्यरत रहता हैं | जबकि रोजगार में कोई व्यक्ति दूसरे के लिये काम करता हैं जिसमे एक नियमित समय पर निश्चित आय प्राप्त करता हैं |

  • व्यवसाय ( Occupation ) और पेशे ( Profession ) में क्या अंतर हैं ?

    व्यवसाय और पेशे तो एक दूसरे के पूरक हैं | क्योकि पेशे का तात्पर्य उस व्यवसाय की क्रिया से हैं जिसके लिये उचित शिक्षण प्रशिक्षण एवं पर्याप्त योग्यता की जरुरत होती हैं | वहीं एक सफल व्यवसाय स्थापित करने के लिये उस व्यवसाय के बारे में अच्छी जानकारी और अनुभव होना बहुत जरुरी हैं |

सारांश ( summary )

उम्मीद हैं आपको ऊपर दी गई Occupation meaning in Hindi with example के बारे में जानकारी अच्छी लगी होगी | अगर आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी ज्ञानवर्धक लगी होगी तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपना सुझाव दे सकते हैं |

आपके बहुमूल्य सुझाव इस साइट को और बेहतर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे |

ऐसी ही अन्य ज्ञानवर्द्धक जानकारी के लिए आप हमारे अन्य पोस्ट को भी पढ़े |

Leave a Comment

Exit mobile version